बिरयानी के लिए युवक की हत्या, पांच आरोपी गिरफ्तार
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जूटमिल पुलिस ने ट्रांसपोर्ट नगर में मिले शव की गुत्थी सुलझाई, एक युवक समेत पांच गिरफ्तार
रायगढ़। जूटमिल थाना ने ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास हुई एक युवक की हत्या का 24 घंटे के भीतर खुलासा किया है। इस मामले में एक युवक राजेश्वर सारथी उर्फ समारू और चार किशोरों को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों ने बिरयानी खाने के लिए पैसे जुटाने की नीयत से लूटपाट की थी। पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 की सुबह जूटमिल थाना को ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास एक अज्ञात पुरुष का शव मिला था। मृतक की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष थी और उसके शरीर पर चोट के निशान थे। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हत्या बताया गया। इसके बाद थाना जूटमिल में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और सीएसपी राहुल उईके के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी अभिनव कांत सिंह के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना पर मिट्ठूमुड़ा, बजरंगपारा और सांगीतराई क्षेत्र से आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और अक्सर लूटपाट करते थे।
23 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे बिरयानी खाने के लिए पैसे नहीं होने पर उन्होंने लूटपाट की योजना बनाई। एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल पर सवार होकर ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क किनारे सो रहे एक व्यक्ति की जेब से रुपये निकालने का प्रयास किया। व्यक्ति के जागने और विरोध करने पर एक किशोर ने बटन चाकू से उस पर कई वार कर दिए, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। आरोपियों ने मृतक की जेब से 700 रुपये लूटे और आपस में बांट लिए। जूटमिल थाना ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, रक्तरंजित कपड़े और बटन चाकू जब्त किया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ी गई है। आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
नशे और अपराध का बढ़ता गठजोड़
यह घटना समाज में नशे की बढ़ती समस्या और किशोरों की अपराध में संलिप्तता को दर्शाती है। कम उम्र में नशे के आदी होकर युवा त्वरित धन के लिए जघन्य अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रही है, लेकिन अभिभावकों और समाज को भी इस दिशा में जागरूक होकर बच्चों को सही राह दिखाने की आवश्यकता है ताकि वे अपराध के दलदल में न फँसें।
