मुख्य मार्ग पर पहुंचा हाथियों का दल, आवाजाही पर ब्रेक
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जंगल से निकलकर सडक़ तक पहुंच रहे गजराजोंं का दल
17 किसानों के फसल को किया नुकसान
विभाग लगातार जारी कर रहा अलर्ट
रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है, जिसके कारण आए दिन ग्रामीणों और वन विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाथियों के दल अक्सर भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों के करीब पहुंच जाते हैं। इसी कड़ी में बुधवार शाम धरमजयगढ़ वन मंडल के बोरो रानी मंदिर के पास 49 हाथियों का एक बड़ा दल सडक़ पर आ गया। हाथियों के इस विशाल झुंड को सडक़ पार करते देख वाहनों की आवाजाही तत्काल रोकनी पड़ी, जिससे काफी देर तक वाहनों के पहिए थमे रहे। बुधवार शाम करीब 5.30 बजे यह घटना हुई। हाथियों का यह दल बोरो रानी मंदिर के समीप सडक़ पार कर उदउदा बीट की ओर जा रहा था। इस दल में कई शावक भी शामिल थे, जिससे हाथियों की संख्या और भी अधिक लग रही थी। हाथियों की अधिक संख्या होने के कारण सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। वाहन चालकों और यात्रियों को हाथियों के सुरक्षित रूप से सडक़ पार करने का इंतजार करना पड़ा। करीब एक घंटे तक सडक़ पर हाथियों का राज रहा। वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर मौजूद थे, जो हाथियों पर नजर रखे हुए थे। हाथियों के शांतिपूर्ण तरीके से जंगल की ओर जाने के बाद ही इस मार्ग पर यातायात बहाल हो सका और आवागमन सामान्य हो पाया।
धरमजयगढ़ में 104 हाथी मौजूद
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, धरमजयगढ़ वन मंडल में फिलहाल 104 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें 34 नर, 50 मादा और 20 शावक शामिल हैं। हाथियों की इतनी बड़ी संख्या में मौजूदगी के कारण वनांचल के गांवों में सतर्कता बरतना जरूरी हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को हाथियों की गतिविधियों को लेकर अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।
फसलों को पहुंचाया नुकसान
हाथियों की मौजूदगी के बीच फसलों को नुकसान पहुंचने का सिलसिला भी लगातार जारी है। बीती रात जंगली हाथियों ने धरमजयगढ़ वन मंडल के अलग-अलग क्षेत्रों में 17 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। ऐसे में हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। इस मामले की जानकारी के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान के आंकलन करते हुए लोगों को हाथी से दूरी बनाने की सलाह दी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो सके।
