October 23, 2026

खम्हार पाकुट जलाशय मछली पालन से आदिवासियों को 7.50 लाख का लाभ

लैलूंगा के खम्हार पाकुट में 52 आदिवासी मछुआ सदस्यों ने 75 क्विंटल मछली उत्पादन कर 7.50 लाख कमाए
रायगढ़। ग्रामीण और आदिवासी परिवारों की आजीविका मजबूत करने के उद्देश्य से रायगढ़ जिला प्रशासन स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। इसी कड़ी में लैलूंगा विकासखंड के खम्हार पाकुट जलाशयमें मछली पालन 52 आदिवासी मछुआ सदस्यों के लिए आय का एक बेहतर माध्यम बन गया है। इस समिति ने मछली पालन से अपूर्व सफलता हासिल की है। समिति ने 75 क्विंटल मछली का उत्पादन कर 10.50 लाख रुपए की आय अर्जित की, जिसमें से 7.50 लाख रुपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। खम्हार पाकुट सिंचाई जलाशय का 191.340 हेक्टेयर औसत जलक्षेत्र समिति ने 10 साल के पट्टे पर लिया है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से समिति को प्रशिक्षण और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। समिति सदस्यों ने बताया कि मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए जशवय में करीब दो लाख मछली बीज (फिंगरलिंग) का संचयन किया गया था। मत्स्य पालन प्रसार योजना के तहत सदस्यों को मछली पालन संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही, मछली पकड़ने के लिए जाल और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए आइस बॉक्स उपलब्ध कराए गए हैं। इन संसाधनों से मत्स्याखेट, मछलियों के रखरखाव और बिक्री के काम में सुविधा मिल रही है, जिससे सदस्यों को बेहतर तरीके से गतिविधियां संचालित करने में सहायता मिली है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ समिति की आय में भी वृद्धि हुई है।

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