फ्लाईएश डंपिंग: 11 केवी लाइन पर बढ़ा खतरा
बायसी कॉलोनी में फ्लाईएश से जमीन की ऊंचाई बढ़ी, बिजली लाइन बेहद नजदीक

जानलेवा हादसे की आशंका
रायगढ़. बायसी कॉलोनी में फ्लाईएश डंप करने से जमीन की ऊंचाई बढ़ने का मामला अब गंभीर जनसुरक्षा का विषय बन गया है। मुख्य मार्ग से कुछ दूरी पर फ्लाईएश के ऊंचे ढेर के कारण ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन बेहद नजदीक आ गई है। इससे संभावित दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। यह क्षेत्र हाथियों की आवाजाही वाला है, ऐसे में किसी भी समय जंगली हाथी या अन्य वन्यजीव करंट की चपेट में आ सकते हैं। यहां तक कि कोई सामान्य व्यक्ति भी विद्युत तारों के करीब पहुंच सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। संबंधित बिजली विभाग को इसकी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन मौके पर कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही। विभाग ने केवल जमीन मालिक को नोटिस दिए जाने की बात कही है, जिसे सार्वजनिक नहीं किया गया। सवाल उठ रहा है कि जब विभाग को स्थिति की जानकारी है और संभावित खतरे का अंदाजा है, तो सिर्फ नोटिस देकर कार्रवाई से पीछे क्यों हटा जा रहा है? यदि कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? प्रशासन और बिजली विभाग का कर्तव्य हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करना नहीं, बल्कि उसे होने से पहले रोकना है। विभाग को तत्काल मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। यदि जमीन की ऊंचाई विद्युत सुरक्षा नियमों के विपरीत बढ़ाई गई है, तो संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इसका समाधान किया जाना अनिवार्य है।
विद्युत सुरक्षा: मानकों का पालन जरूरी
11 केवी जैसी हाई वेल्टेज लाइनों के पास निर्माण या भूमि की ऊंचाई बढ़ाना गंभीर अपराध है। विद्युत सुरक्षा नियमों के अनुसार, ऐसी लाइनों के नीचे पर्याप्त क्लियरेंस होना अनिवार्य है ताकि किसी भी तरह के संपर्क से बचा जा सके। फ्लाईएश का अनुचित डंपिंग न केवल पर्यावरण को क्षति पहुंचाता है, बल्कि विद्युत सुरक्षा के लिए भी सीधा खतरा पैदा करता है। विभाग को ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कदम उठाने चाहिए ताकि जनजीवन और वन्यजीव सुरक्षित रह सकें।
