खरसिया मीना बाजार: बड़े झूले से गिरकर एक ने गंवाई जान
1 min read
नकुल निषाद की मौत के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, जांच की मांग
खरसिया- शहर के टाउन हॉल मैदान में लगे मीना बाजार में मंगलवार को एक दुःखद हादसा हुआ। बड़े आकाश झूले से गिरने के कारण एक की मौत हो गई। मृतक की पहचान पठानपारा निवासी नकुल निषाद (39) पुत्र रामप्रसाद निषाद के रूप में हुई है। घटना के बाद नकुल का शव खरसिया सिविल अस्पताल में रखा गया है। इस घटना ने मेले में संचालित झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रौढ़ झूले से किन परिस्थितियों में गिरा, हादसे के समय वह झूले में सवार था या किसी अन्य स्थिति में दुर्घटना हुई, इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। यह दुर्घटना मेले में सुरक्षा मानकों के पालन, झूले की तकनीकी जांच, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, कर्मचारियों की सतर्कता और आपातकालीन व्यवस्था जैसे महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित करती है। मीना बाजार जैसे सार्वजनिक आयोजनों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग परिवार और बच्चों के साथ पहुंचते हैंमनोरंजन के लिए लगाए जाने वाले झूलों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशासन से इस हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच करने और मीना बाजार में संचालित सभी बड़े झूलों की सुरक्षा व्यवस्था का तत्काल निरीक्षण करने की मांग की गई है। इसका उद्देश्य भविष्य में इस तरह की दुःखद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारी निर्धारित कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। नकुल की असामयिक मौत से उनके परिवार ने एक सदस्य खो दिया है, जिससे उन्हें गहरा आघात लगा है।

झूलों की सुरक्षा: मानक और जिम्मेदारी
सार्वजनिक मेलों और मनोरंजन पार्कों में संचालित झूलों के लिए कड़े सुरक्षा मानक निर्धारित हैं। इनमें नियमित तकनीकी जांच, आपातकालीन ब्रेक सिस्टम, सुरक्षा बेल्ट की अनिवार्यता और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपस्थिति शामिल है। स्थानीय प्रशासन और मेला आयोजकों की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे इन मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। किसी भी चूक से गंभीर हादसे हो सकते हैं, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। नागरिकों की सुरक्षा सर्वह/वेपरि है।
